धर्म और न्याय की रक्षा हेतु चार साहिबज़ादों का अद्वितीय बलिदान

हरनंदी महानगर में श्रद्धा, शौर्य और संस्कारों के साथ मनाया गया बलिदान दिवस

अंशुल त्यागी, गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबज़ादों—साहिबज़ादा अजीत सिंह, साहिबज़ादा जुझार सिंह, साहिबज़ादा जोरावर सिंह एवं साहिबज़ादा फ़तेह सिंह—के पावन बलिदान दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, हरनंदी महानगर द्वारा महानगर के सभी नगरों में श्रद्धा, सम्मान एवं कृतज्ञता के भाव से विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से चारों साहिबज़ादों की शौर्यगाथा, उनका अद्वितीय त्याग, अडिग आस्था तथा धर्म, सत्य और मानवीय मूल्यों की रक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया गया।

विभिन्न कार्यक्रमों में वक्तव्य देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने कहा कि चार साहिबज़ादों का बलिदान भारतीय संस्कारों, राष्ट्रचेतना और मानव गरिमा की रक्षा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अत्याचार, अन्याय और अमानवीय यातनाओं के सामने झुकने के बजाय साहिबज़ादों ने सत्य, धर्म और स्वाभिमान के मार्ग का चयन किया। उनका यह अदम्य साहस आज के समाज, विशेषकर बच्चों और युवाओं के लिए चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा है।

बाल स्वयंसेवकों का अनुशासित पथ संचलन बना आकर्षण का केंद्र

बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में हरनंदी महानगर के सभी नगरों में बाल स्वयंसेवकों द्वारा पथ संचलन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों और किशोरों ने पूर्ण गणवेश में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विभिन्न इकाइयों में पथ संचलन का आरंभ अथवा समापन स्थानीय गुरुद्वारों से किया गया।

नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकले इन अनुशासित पथ संचलनों में बाल स्वयंसेवक चार साहिबज़ादों की शहादत और सिख इतिहास के गौरवशाली अध्याय का संदेश जन-जन तक पहुँचाते दिखाई दिए। पथ संचलन के दौरान नागरिकों ने पुष्पवर्षा, जयकारों और अभिनंदन के माध्यम से बाल स्वयंसेवकों का स्वागत किया और चारों साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन किया।

गुरुद्वारों में विशेष सहभागिता, सामाजिक सौहार्द का संदेश

अनेक कार्यक्रमों में स्थानीय गुरुद्वारों के ग्रंथी जी एवं अन्य सिख बंधुओं की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने अपने प्रेरणादायक वक्तव्यों के माध्यम से साहिबज़ादों की शहादत, सिक्खी के मूल सिद्धांतों तथा सामाजिक समरसता और सौहार्द के संदेश को उपस्थित जनसमूह के साथ साझा किया।

15 से अधिक स्थानों पर आयोजन, 800 से अधिक बाल स्वयंसेवकों की सहभागिता

इस अवसर पर हरनंदी महानगर में कुल 15 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।

  • क्रासिंग क्षेत्र में लगभग 200,
  • विजयनगर क्षेत्र में लगभग 100,
  • तथा अन्य क्षेत्रों में 500 से अधिक
    बाल स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में पथ संचलन एवं कार्यक्रमों में भाग लिया।

इन आयोजनों के माध्यम से यह संकल्प भी व्यक्त किया गया कि चार साहिबज़ादों के बलिदान, उनके आदर्शों और मूल्यों को वर्ष भर विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग—विशेषकर बच्चों और युवाओं—तक पहुँचाया जाएगा।

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