डिंपल भारद्वाज
दिल्ली के नगर निगम चुनावों को जिस मुख्य वजह के लिए टाला गया था आख़िरकार अब उसपर संसद में पक्की मोहर लग गई है। जी हाँ हम बात कर राहे हैं तीनों नगर निगम के एकीकरण की, दिल्ली के तीनों नगर निगमों को एक करने की मांग पर 22 मार्च 2022 ( मंगलवार ) के दिन केंद्रीय कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है। इस मुद्दे पर आज केंद्रीय कैबिनेट में दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट ( MCD Act 2022) में संशोधन करने के लिए जो बिल पेश किया गया उसपर संसद में मौजूद सभी केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों ने मोहर लगा कर पास कर दिया ।

संशोधन के नाम पर बिल में तीनों निगमों को एक करने की बात की गई है। साथ ही ये भी ज़िक्र किया गया है कि 2011 डीएमसी एक्ट में संशोधन करते हुए दिल्ली नगर निगम को तीन भाग में विभाजित किया गया। जिन्हें उत्तरी दिल्ली नगर निगम , दक्षिणी दिल्ली नगर निगम व पूर्वी दिल्ली नगर निगम से जाना जाता है। एमसीडी को तीन भाग में बाँटने के पीछे का कारण आर्थिक मजबूती व क्षेत्रीय विभाजन बताया गया था।
लेकिन 2011 डीएमसी एक्ट में हुए संशोधन से आर्थिक बोझ घटने की जगह और ज्यादा बढ़ गया। स्तिथि ऐसी बन गई है कि निगम अपने एम्प्लॉयीज को समय से तनख्वाह ,पेंशन नहीं दे पा रहा है।

यहां तक कि जो एम्प्लॉयीज रिटायर हो चुके उनकी रिटायरमेंट बेनिफिट्स भी देना निगम के लिए टेढ़ी खीर बन चुका है। साथ ही निगम अपनी सर्विसेज सही ढंग से देने में भी फेल हो रहा है।
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