अंशुल त्यागी, द राजा साहब फिल्म रिव्यू (Hindi)
तेलुगु सिनेमा की बहुप्रतीक्षित पैन-इंडिया फिल्म ‘द राजा साहब’ आखिरकार दर्शकों के सामने आ चुकी है। निर्देशक मारुति की इस फिल्म में हॉरर, कॉमेडी, रोमांस और पारिवारिक भावनाओं का ऐसा संतुलन देखने को मिलता है, जो इसे एक परफेक्ट फैमिली एंटरटेनर बनाता है।
यह फिल्म खास इसलिए भी है क्योंकि यह प्रभास के करियर की पहली हॉरर-कॉमेडी फिल्म है। एक्शन और गंभीर किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले प्रभास यहां बिल्कुल नए अंदाज़ में नज़र आते हैं।




📖 कहानी (Story)
फिल्म की कहानी एक ऐसे युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे उसकी दादी ने बड़े प्यार से पाला है। जब उसे यह पता चलता है कि उसके दादा अब भी ज़िंदा हैं, तो वह उन्हें खोजने निकल पड़ता है।
यहीं से कहानी रहस्य, डर और हास्य के रास्ते पर आगे बढ़ती है। दादा को लेकर फैली भ्रांतियां और छिपे हुए राज़ धीरे-धीरे सामने आते हैं, जो फिल्म को रोचक बनाए रखते हैं।
🎭 अभिनय (Performance)
प्रभास अपने किरदार में पूरी ईमानदारी के साथ ढलते हैं। उनकी कॉमिक टाइमिंग, भावनात्मक दृश्य और हल्का-फुल्का अंदाज़ दर्शकों को पसंद आ सकता है।
संजय दत्त दादा के किरदार में दमदार छाप छोड़ते हैं। उनका स्क्रीन प्रेज़ेंस और संवाद अदायगी फिल्म को मजबूती देती है।
निधि अग्रवाल और मालविका मोहनन अपनी भूमिकाओं में संतुलित नजर आती हैं, जबकि बोमन ईरानी अपने सीमित लेकिन प्रभावशाली रोल से कहानी को सपोर्ट करते हैं।




👻 VFX और प्रस्तुति
फिल्म का VFX इसका बड़ा प्लस पॉइंट है। डरावने दृश्य रोमांच पैदा करते हैं लेकिन फैमिली ऑडियंस की सीमा में रहते हैं, जिससे बच्चे और युवा दर्शक भी जुड़ पाते हैं।
⭐ निष्कर्ष (Verdict)
‘द राजा साहब’ एक हल्की-फुल्की लेकिन मनोरंजक फिल्म है, जिसमें डर है, हंसी है, रहस्य है और पारिवारिक भावनाएं भी।
अगर आप परिवार के साथ सिनेमाघर जाकर साफ-सुथरा मनोरंजन देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है।
रेटिंग: ⭐⭐⭐☆ (3.5/5)



