अंशुल त्यागी, नोएडा के सेक्टर-12 स्थित भाऊराव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर में गौमाता पर आधारित फिल्म ‘गोदान’ का पोस्टर, टीज़र और गीतों का भव्य विमोचन किया गया। यह आयोजन सनातन संस्कृति, गौ संरक्षण और सामाजिक चेतना के संदेश से ओत-प्रोत रहा। इस अवसर पर देश की प्रमुख आध्यात्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विभूतियों ने गौमाता के महत्व पर अपने विचार साझा किए।

साधु-संतों और विशिष्ट अतिथियों की ऐतिहासिक सहभागिता
कार्यक्रम में
सद्गुरु ऋतेश्वर जी महाराज,
आचार्य बाल कृष्ण जी,
स्वामी दीपांकर जी,
महामंडलेश्वर भैयादास जी,
आचार्य प्रतिष्ठा जी,
बाबा सत्य नारायण मौर्य जी,
सुरेश चव्हाणके,
डॉ. हरिओम पंवार
सहित अनेक संत-महात्मा और विचारक उपस्थित रहे।

इसके साथ ही RSS की गौसेवा गतिविधि से जुड़े
नवल किशोर,
सेंथिल कुमार,
कृपा शंकर,
पदम जी
एवं संघ के अनेक अधिकारी मौजूद रहे।
नोएडा से सांसद डॉ. महेश शर्मा, नगर के गणमान्य नागरिकों और 50 से अधिक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की सहभागिता भी रही। कार्यक्रम में लगभग 1500 लोगों ने भाग लिया।
गौपूजन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ गौपूजन के साथ हुआ। सभी अतिथियों ने गौमाता का पूजन कर गौपालन और गौसंरक्षण का संकल्प लिया।

गौमाता के महत्व पर संतों के विचार
आचार्य बाल कृष्ण जी ने कहा कि कृषि प्रधान भारत में गौमाता हमारे अस्तित्व की आधारशिला है और उसका संरक्षण हमारी संस्कृति की रक्षा है।
सद्गुरु ऋतेश्वर जी महाराज ने कहा कि गौमाता को कृषि से जोड़ना ही वास्तविक संरक्षण है और यह फिल्म देश-दुनिया को इसका संदेश देगी।
स्वामी दीपांकर जी ने गौमाता को हिंदू संस्कृति का प्राण बताते हुए कहा कि गौसेवा से राष्ट्र चेतना जागृत होती है।
महामंडलेश्वर भैयादास जी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि गौसेवा से जीवन में अद्भुत सामर्थ्य प्राप्त होती है।
आचार्य प्रतिष्ठा जी ने कहा कि गौ, गंगा, गायत्री और योग ही भारत को विश्वगुरु बनाएंगे।

🎭 कविता और संस्कृति का संगम
बाबा सत्य नारायण मौर्य जी ने कविता व गीतों से गौसंरक्षण का संदेश दिया, जबकि कवि डॉ. हरिओम पंवार ने राष्ट्रबोध से ओत-प्रोत कविताओं से भारत की सशक्त होती छवि को रेखांकित किया। मंच संचालन युवा कवि अमित शर्मा ने किया।

फिल्म ‘गोदान’ के बारे में
फिल्म ‘गोदान’ के निर्माता हैं
विनोद कुमार चौधरी एवं डॉ. पारुल चौधरी (दीनदयाल कामधेनु गौशाला समिति),
सह-निर्माता चेतन गोस्वामी,
और निर्देशन अमित प्रजापति ने किया है।
फिल्म की कहानी एक बछिया और उसके नायक के माध्यम से गौमाता के धार्मिक, वैज्ञानिक और सामाजिक महत्व को उजागर करती है।
यह फिल्म 6 फरवरी को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
निर्माता विनोद चौधरी के अनुसार, यह फिल्म संस्कृति और मानवता के बंधन को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत करती है।
