अंशुल त्यागी, दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन (DME) लॉ स्कूल, नोएडा के लीगल एड सेल द्वारा 12 मार्च 2026 को ग्रेटर नोएडा स्थित कासना जेल का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण में डीएमई लॉ स्कूल के 3 वर्षीय एवं चौथे वर्ष के विधि छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की।
इस शैक्षणिक यात्रा का उद्देश्य छात्रों को भारतीय कारागार प्रणाली की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराना और उन्हें कानून के व्यावहारिक पहलुओं की समझ प्रदान करना था।
कार्यक्रम के दौरान श्री सुरजीत सिंह, उप-जेलर, कासना जेल ने छात्रों के साथ संवाद करते हुए जेल की दैनिक व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और कैदियों के वर्गीकरण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक जेल प्रणाली केवल दंड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अब सुधारात्मक न्याय (Reformative Justice) की दिशा में कार्य कर रही है।

छात्रों को जेल परिसर में संचालित विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों का भी दौरा कराया गया। यहाँ कैदियों को बढ़ईगिरी, सिलाई, खेती, कंप्यूटर साक्षरता, नृत्य और संगीत जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे रिहाई के बाद आत्मनिर्भर बन सकें।
विशेष रूप से यह भी बताया गया कि कासना जेल को इस प्रकार विकसित किया गया है कि कैदियों को वास्तविक पेशेवर वातावरण का अनुभव मिले और वे समाज में पुनः स्थापित होने के लिए पूरी तरह “जॉब-रेडी” बन सकें।
यह शैक्षणिक भ्रमण डॉ. नेहा बहल एवं श्री अनंत सिंघल, प्रोफेसर एवं फैकल्टी संयोजक, डीएमई लीगल एड सेल के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
यह पहल छात्रों को न केवल कानून की पुस्तकीय जानकारी से आगे ले जाती है, बल्कि उन्हें न्याय प्रणाली के मानवीय और व्यावहारिक पक्ष को समझने का भी अवसर प्रदान करती है।