नेहा राठौर
International Nurses Day 2023: भारत में डॉक्टरों को भगवान का रूप माना जाता है। क्योंकि वे एक मरते हुए इंसान को जिंदगी देते हैं। किसी भी मरीज को ठीक करने में जितना बड़ा हाथ एक डॉक्टर (Doctor) का होता है, उतना ही बड़ा योगदान नर्सेस (Nurses) का भी होता है। मरीजों को किस समय कौन-सी दवाई देनी है, उन्हें क्या खाना है इन सबका ध्यान रखने तक, नर्सेस एक व्यक्ति को ठीक करने में बेहद अहम भूमिका निभाती हैं। मेडिकल क्षेत्र में नर्स की अपनी एक अलग ही जगह और अहमियत है।
उनकी इसी अहमियत के चलते हर साल 12 मई को दुनिया भर में इंटरनेशनल नर्सेज डे (International Nurses Day) मनाया जाता है। इस दिन को मेडिकल की दुनिया में नर्स के योगदान को याद करने और उन्हें सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। तो आइए जानते हैं कि क्या है इस दिन का रोचक इतिहास और महत्व-
सबसे पहले इन दिन को साल 1974 में मनाया गया था, उसी वक्त से हर साल 12 मई को यह दिवस दुनियाभर में मनाया जाता है। दरअसल, 12 मई कोई आम तारिख नहीं है इस दिन मशहूर नर्स फ्लोरेंस नाइटिंगेल (Florence Nightingale) का जन्म हुआ था। उन ही की याद में हर वर्ष इस दिन को नर्स डे के रूप में मनाया जाता है। फ्लोरेंस नाइटिंगेल एक काबिल नर्स थीं, जिन्होंने क्रीमियन युद्ध (Crimean War) के दौरान काफी सराहनीय काम किया था। बता दें कि उन्हें द लेडी विद द लैंप (The Lady With The Lamp) के नाम से भी जाता है, क्योंकि वह युद्ध के दौरान पूरी रात घायलों के इलाज के लिए घूमती थीं। फ्लोरेंस नाइटिंगेल को दुनिया की पहली नर्स माना जाता है। उन्होंने ही नर्सिंग को एक पेशे के तौर पर स्थापित किया था। यही कारण है कि उनके जन्मदिन के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय नर्स डे मनाया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय नर्स डे को मनाने के पीछे एक मात्र कारण यह है कि इस दिन नर्सेस की मरीजों के प्रति सेवा, उनका साहस और उनके सराहनीय कार्यों के प्रति सम्मान जताया जा सके।
किसी भी अस्पताल में मरीजों को ठीक करने में डॉक्टर का एक अहम योगदान होता है। लेकिन इलाज के दौरान और उसके बाद मरीज की देखभाल भी करनी होती है, जिन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। वे नर्स ही होती हैं जो दिन-रात मरीजों की देखभाल करती हैं, उनकी सेवा करती हैं। यही कारण है कि उनके इसी सेवाभाव के प्रति आभार जताने के लिए और मेडिकल फील्ड (Medical Field) में उनकी अहमियत को दिखाने के लिए इस दिन को मनाया जाता है।
हर साल की तरह इस खास दिन के लिए इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्स (ICN) कोई न कोई थीम तय करते हैं। इस साल की थीम इसकी थीम ‘आवर नर्सेस, आवर फ्यूचर’ (Our Nurses, Our Future) यानी ‘हमारी नर्सें, हमारा भविष्य’ तय की गई है।
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