अरे गामा पहलवान हो क्या…!

नेहा राठौरउन्नीस सौ साठ की बात है.. लाहौर के एक साधारण से घर में कोई मरणासन्न देह पड़ी हुई थी। बदन हड्डियों का ढांचा भर था।‌ चील जैसी आंखें कोटरों में धंस गयी थी। शरीर पर यहां-वहां मक्खियां भिनभिना रही थीं और वह व्यक्ति उन मक्खियों को उड़ाने में असमर्थ था।‌ब्रिटेन का एक पत्रकार यह … Read more