06
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अंशुल त्यागी, दिल्ली "घायल हूँ इसलिए घातक हूँ।"यह डायलॉग सिर्फ नॉस्टैल्जिया नहीं, बल्कि रणवीर सिंह की स्क्रीन पर क्रूर, जंगली और ह्यूमन कॉन्फ्लिक्ट से भरे किरदार की पहचान बनकर उभरता है। 3 घंटे 32 मिनट लंबी ‘धुरंधर’ एक ऐसी फिल्म है जिसकी रिलीज़ ने जितना इंतज़ार करवाया, उसकी सिनेमाई दुनिया उतनी ही भारी, गहरी और विस्तृत है। निर्देशक आदित्य धर (Uri fame) इस बार भारत-पाक की जासूसी दुनिया को गैंगस्टर पॉलिटिक्स के साथ जोड़कर एक ऐसा सिनेमाई ब्रह्मांड बनाते हैं जो दर्शक को सीट की edge पर पकड़े रखता है। कहानी: 1999–2001 के आतंक, राजनीति और अंडरवर्ल्ड के बीच एक…
